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Thursday, June 14, 2018

नेताजी के चहेतों की चाहत पूरी करने के लिए यूआईटी लुटाएगी 100 करोड़

विनीत सिंह.कोटा. नगर विकास न्यास की ओर से नियम कायदे ताक में रख कर करीब 1 अरब रुपए खर्च करने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए जा रहे हैं। राजनीतिक दबाव में इस राशि का ज्यादातर भाग गैर अनुमोदित योजनाओं पर खर्च होगा।


सूत्रों के अनुसार एक विधायक के चहेते ठेकेदारों और जमीन कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल किया जा रहा है। इसमें शीघ्र कार्य कराने का भी दबाव बनाया जा रहा है। हालात यह कि जब भी न्यास के अधिकारी नियम की बात करते हैं, जयपुर से फोन आ जाता है।

 

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सीसी रोड जैसे काम की अल्पकालीन निविदा आमंत्रित करने के लिए न्यास अधिकारियों पर भारी दबाव है। जबकि ये कार्य अल्पकालीन निविदा की श्रेणी में नहीं आते। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार के प्रचलित नियमों के तहत कार्य कराए जाएं। न्यास के अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी राजनीतिक दबाव में आंखें मूंदकर काम कर रहे हैं। सभी कार्य कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र में कराए जाने हैं।

 

जानकार सूत्रों और सरकारी दस्तावेजों से पता चला है कि विधायक प्रहलाद गुंजल के प्रस्ताव पर नियमों की अनदेखी की जा रही है।
राज्य सरकार ने 99 करोड़ 72 लाख 22 हजार रुपए की स्वीकृति दे दी है, लेकिन राशि न्यास को ही खर्च पड़ेगी।

 

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जबकि न्यास का खजाना खाली है और देनदारियां बढ़ रही हैं। न्यास की ओर से सरकार को पत्र लिखकर वित्तीय संकट से अवगत करा दिया है, लेकिन राजनीतिक दबाब के चलते किसी की बात सुनी जा रही है।

क्या है गैर अनुमोदित कॉलोनी

गैर अनुमोदित कॉलोनियों से अभिप्राय है, जो नगर विकास न्यास से बिना भू उपयोग परिवर्तन कराए और बिना नियमन कराए बिना काट दी जाती है। इसका मुनाफा कॉलोनाइजर को होता है। नियमानुसार कॉलोनाइजर को ही सुविधाओं का विकास करना होता है।

 

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भूखंड बेचने से पहले न्यास से नियमन करना जरूरी है। ऐसे कॉलोनियों में न्यास राशि खर्च नहीं कर सकता है। अनुमोदित कॉलोनी में भी जमा शुल्क में से 57 प्रतिशत राशि ही खर्च की जा सकती है। ऐसे में गैर अनुमोदित कॉलोनियों में विकास कार्य कराया जाना नियमों का खुला उल्लंघन है।

 

9 पैकेज के होने हैं टेंडर
कोटा उत्तर विधानसभा में कुल 9 पैकेज के टेण्डर होने हैं। इनमें से 4 पैकेज के 6 कार्य गैर अनुमोदित कॉलोनियों से संबंधित हैं। ये सभी पैकेज 7 से 11 करोड़ रुपए तक की लागत के हैं।

ऐसे हो रही अनदेखी

नियमों के तहत आपातकालीन स्थिति में ही अल्पकालीन टेण्डर आमंत्रित किए जा सके हैं। इन 9 पैकेज टेंडर में इन नियमों की अनदेखी हो रही है।

नहीं थी नियमों में शिथिलता
गैर अनुमोदित कार्यों के प्रस्ताव मिलने के बाद न्यास के नगरीय विकास विभाग को पत्र लिखा कि कृषि भूमि और गैर अनुमोदित कॉलोनियों में कार्य कराने के लिए नियमों में शिथिलता देना जरूरी है, लेकिन राज्य सरकार ने कोई शिथिलता नहीं देकर न्यास को ही नियमों की पालना करते हुए टेण्डर करने के आदेश दे दिए।

आर.के. मेहता, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष का कहना है की राज्य सरकार और नगर विकास न्यास के नियमों के अनुसार ही विकास कार्य कराए जाएंगे। राज्य सरकार से मिले सक्षम आदेशों की पालना की जा रही है।



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