कोटा. भीषण गर्मी के बीच दो दिन हुई बारिश ने जहां लोगों को राहत दी, वहीं कुछ लोगों के लिए ये बारिश मुसीबत बन गई। बरसात होने के बाद सर्प बिलों से बाहर निकलना शुरू हो गए। सर्प ही नहीं बिल में रहने वाले अन्य जंतु भी ऊपर आ रहे हैं। जिससे आमजन को खतरा बढ़ रहा है। पिछले दो दिनों में अस्पताल में सर्प दंश के तीन मामले आ चुके।
बरसात हुई तो ये संख्या और बढ़ सकती है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। बरसात के मौसम में वैसे ही सर्प दंश के 200 से 250 तक मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। जिसमें से समय पर पहुंचने वाले अधिकांश लोगों को बचा लिया जाता है। गत वर्ष सर्प दंश से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
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एक घंटे में लगना चाहिए इंजेक्शन
सर्प के विष के असर को कम करने के लिए एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाया जाता है। ये इंजेक्शन एक घंटे से पहले मरीज को लगाया जाना जरूरी होता है। इलाज के प्रारंभिक चरण में मरीजों को करीब 10 एंटी स्नेक बाइट वेनम लगाए जाते हैं, जो अस्पताल की ओर से नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिनकी बाजार में कीमत करीब 600 रुपए है।
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इन इलाकों के लोग पहुंचे अस्पताल
गणेशपुरा कच्ची बस्ती निवासी गोविंद (25) ऑफिस से लौटते समय बारिश के कारण रास्ते में तालाब की पाल पर एक पेड़ के नीचे रुका था। वहां उसे सर्प ने डस लिया। बूंदी के डाबी निवासी रतन लाल (35) को घर पर सोते समय सर्प ने डस लिया। सोगरिया स्टेशन निवासी गुलाब बाई (40) को भी घर पर सर्प ने डस लिया।
बरसात में यह बरतें सावधानी
-घर के बाहर जूते पहनकर निकलें।
-शोचालय या अन्य जगह पर जाने से पहले लाठी या अन्य से आवाज करें ताकी सांप भाग जाए ।
-सांप के डसने पर उस जगह के ऊपर कपड़ा बांधें और 15 मिनट बाद खोलकर वापस बांधे।
-बरसात के समय नीचे नहीं सोएं, पलंग पर ही सोए।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एसआर मीणा ने बताया कि बरसात में सर्प दंश के मामले आते हैं, लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। पिछले कुछ दिनों में मामले आना शुरू हो गए हैं। सर्प दंश से ग्रसित लोगों का उपचार किया जा रहा है।
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