भोपाल। बड़े तालाब की हद तय करने वाली मुनारों में छेड़छाड़ कर अतिक्रमण करने वालों को खुद व खुद कुदरत ने बेनकाव कर दिया है। 1666.30 फिट स्तर पर ही पानी भैंसाखेड़ी, खानूगांव, बैरागढ़, बोरवन, बहेटा, बेरागढ़कलां, खजूरी में लगी मुनारों को पार करता हुआ अपनी हद तक पहुंच गया है।
इनमें से कई जगह मुनारों में छेड़छाड़ कर खुर्दबुर्द कर अतिक्रमण किए गए हैं, इसमें कई रसूखदार भी हैं। ऐसे लोगों के अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए जिला प्रशासन की टीम तलाब के एफटीएल में लगी एक-एक मुनार का सर्वे कर फोटो खींचेगी।
पानी में डूबे हुए कब्जे और मुनारें खुद ही चिन्हित हो जाएंगी। इधर भदभदा पर गेट खोलने की स्थिति को देखते हुए तहसीलदार और नगर निगम का अमला डट गया है। अगर कोलांस नदी का बहाव तेज नहीं हुआ तो 1666.66 फीट पर ही गेट खोले जाएंगे। जिससे बड़े तालाबा के अतिक्रमण की हकीकत सामने आ जाएगी।
हर साल दिसंबर से मई माह तक बड़े तालाब में पानी की कमी हो जाती है, सप्लाई पर असर पड़ता है। इसी पानी की कमी को दूर करने के लिए केरवा और कोलारडेम में पीने के पानी की आरक्षण क्षमता बढ़ाई जा रही है। लेकिन बैरागढ़ क्षेत्र की तरफ से अतिक्रमण का अजगर बड़े तालाब को निगलता आ रहा है।
इस पर अभी से ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि हाल ही में जिला प्रशासन की तरफ से कराई गई मुनारों की जांच में बड़े स्तर पर छेडख़ानी कर कब्जे करने का खुलासा हुआ है। इसके बाद ही मैरिज गार्डन और फॉर्म हाउस पर कार्रवाई की गई। इसी तरह के कब्जों को चिन्हित करने के लिए प्रशासन सर्वे करेंगे।
इस समय तालाब लगभग अपनी हद तक पहुंच चुका है, 1666.66 फीट पर अपने फुल लेवल पर होगा। अतिक्रमणकारी खुद चिन्हित हो गए हैं। ये रिपोर्ट शासन के पास भेजी जाएगी। एक निजी अस्पताल भी इस हद में आ रहा है।
एफटीएल 1666.80 फिट
सिंचाई विभाग की तरफ से दी गई रिपोर्ट में भदभदा के गेट 1666.40-50 पर खोले जाने की उम्मीद जताई गई है। इसमें भी कोलांस का बहाव देखा जाएगा। अभी तक टीटी नगर सर्किल में आने वाले तालाब के केचमेंट का एरिया पूरा भरा नहीं है। एसडीएम टीटी नगर संजय श्रीवास्तव लगातार प्रेमपुरा व अन्य क्षत्रों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। तहसीलदार टीटी नगर भी भदभदा गेट पर डेरा जमाए हुए हैं और पल-पल की खबर अधिकारियों को दे रहे हैं।
941 मुनारें हैं, जिसमें से 141 का सर्वे नहीं हो सका था
2016 में जिला प्रशासन की तरफ से कराए गए सर्वे में 941 में से 141 मुनारें नहीं मिली थीं। इस बार नगर निगम के नक्शे से जीपीएस सर्वे की मदद से इन मुनारों का पता लगाया जाएगा। टीटी नगर सर्किल के अधिकारी उसी समय इन मुनारों को तलाशने के लिए नाव से सर्वे करने भी गए थे, लेकिन उन्हें नहीं मिलीं थीं। इस बार इनका पता भी लगाया जा रहा है।
फुलटेंक लेबल पर एक-एक मुनारों का सर्वे कर उसके फोटो खींचवाए जाएंगे, जिससे अतिक्रमण चिन्हित हो जाएंगे। मुनारों में छेड़छाड़ भी स्पष्ट होगी। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के बाद कोलांस के बहाव को देखते हुए गेट खोलने का फैसला किया जाएगा।
- तरुण पिथोड़े, कलेक्टर
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