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Saturday, April 20, 2019

नंबरी और 10 दस नंबरी पिता-पुत्र पुलिस के चंगुल में , 22 सालों से खेल रहे थे आंख-मिचौली

कोटा. एटीएस कोटा ने शुक्रवार को करीब 22 वर्ष से फरार फर्जी फाइनेंस कंपनी के संचालक पिता-पुत्र को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।कोटा पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया कि महावीर नगर द्वितीय निवासी हाल मुकाम दिल्ली इब्राहिमपुर एक्सटेंशन शिवप्रकाश (58) व उसके पिता बाबूलाल (85) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी फर्जी कंपनी खोलकर लोगों से ठगी करने के मामले में 22 वर्ष से फरार चल रहे थे। इन दोनों पर 7-7 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।

इनकी गिरफ्तारी के लिए एटीएस एएसपी गुमनाराम यूनिट के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में सूरतसिंह, जितेन्द्र शर्मा, सूर्यप्रकाश, मुकेश कुमार तथा उमाराम को शामिल किया। टीम ने आरोपियों के दस्तावेज व पुराने पते समेत रिश्तेदारों से कडिय़ां जोडऩा शुरू किया तो आरोपियों के दिल्ली में रहने के बारे में पता लगा। इस पर टीम दिल्ली पहुंच गई। बुराड़ी थाना क्षेत्र में शिवप्रकाश व बाबूलाल को गिरफ्तार कर लिया।

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यह भी पढ़ें : इधर फर्जी पुलिस ने ही कर दिया खेल, प्रेमी ने बचाई प्रेमिका की जान

कोटा. स्वयं को पुलिसकर्मी बताकर लड़की का अपहरण करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो युवकों को चंबल गार्डन के निकट से गिरफ्तार किया। आरोपियों ने लड़की के अपहरण के पूरी कहानी रची तथा लड़की को उसके मित्र के साथ ही दो बाइकों पर अपहरण कर ले गए। इस मामले में पुलिस ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल की मदद से आरोपियों को दबोचा। इसमें से एक आदतन अपराधी है। थानाधिकारी विजय शंकर शर्मा ने बताया कि गुरुवार को ज्योति परिवर्तित नाम ने अपने दोस्त कासिम के साथ थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि बुधवार शाम करीब 4 बजे कि उसके मित्र का उसके पास फोन आया। कि तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट है। इसके बारे में जांच के लिए पुलिस आई है। उसने उसे प्रेम नगर अफोर्डेबल आवास योजना के ब्लॉक ए के पीछे बुलाया। जब वह वहां पहुंची तो वहां दो लड़के कासिम के पास खड़े थे। दोनों ने अपने को पुलिस अधिकारी बताते हुए पूछताछ के लिए थाने चलने को कहा। इस पर वह झिझकी तो उन्होंने मारते हुए थाने ले जाने की धमकी दी।

उनमें से एक ने कासिम की बाइक ले ली। जिस पर कासिम और उसे बैठा लिया। जबकि दूसरा उनकी बाइक लेकर उन्हें अनंतपुरा की ओर ले जाने लगे। इस पर कासिम ने ऐतराज किया तो उसे धमकाकर वापस बाइक पर बैठा लिया।

वे उन्हें कर्णेश्वर के निकट जंगल में ले गए तथा उससे उसके बारे में डिटेल मांगने लगे तथा उससे छेड़छाड़ की। इसके बाद दोनों आरोपी उसे डीसीएम फैक्ट्री पर उतार गए तथा कासिम को कर्णेश्वर साथ ले गए। इस बीच कासिम के दोस्त का फोन पर उससे सम्पर्क हुआ और उसने मामले की सूचना पुलिस को दी।

दोस्त उसका पीछा करते हुए कर्णेश्वर पहुंचा जहां उसने पुलिस को सूचित करने की बात कहने पर दोनों पत्थर फैंकते हुए वहां से भाग छूटे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्योग नगर पुलिस ने साइबर सेल के प्रताप सिंह व जवाहर नगर थानाधिकारी प्रमेन्द्र रावत की मदद लेते हुए दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की व न्यू जवाहर नगर निवासी जय कुमार व इंदिरा मार्केट निवासी मोइनुद्दीन को शुक्रवार को चंबल गार्डन के निकट से गिरफ्तार कर लिया।

आदतन अपराधी जयकुमार

पुलिस ने बताया कि जय कुमार के विरुद्ध पूर्व में भी लूट, बलात्कार व अपहरण के प्रकरण दर्ज है। जयकुमार अभी 8 माह पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया है। दोनों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अमूमन घटनाओ में सामने आता है की प्रेमी ने प्रेमिका को धोखा दिया लेकिन यहां स्थिति उलट नजर आई जो पुलिस ही नहीं लोगो के बीच भी चर्चा का विषय रही ।



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