सवाईमाधोपुर. गंभीर रोगियों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने कार्य करने वाली एम्बुलेंस के पहिए गुरुवार को एम्बुलेंस कर्मियो की हड़ताल के चलते थमे रहे। प्रदेश व्यापी हड़ताल का असर जिले में भी देखने को मिला। जिले में कुल 33 एम्बुलेंस का संचालन नहीं हो सका। इससे गंभीर रोगियों व उनके परिजनों को परेशानी हुई। मांगों को लेकर छह बजे से 108 और 104 एंबुलेंस सेवाएं अनिश्चितकाल तक के लिए ठप हो गई। राजस्थान कर्मचारी संघ के आह्वान पर एम्बुलेंस कर्मचारी सरकार की नई निविदा के विरोध में हड़ताल पर चले गए है।
एम्बुलेंस कर्मचारी शिवकिशन गुर्जर, सरदारसिंह, विनोद, भरत, इंतजार खान, मुकुरम अली, अमानत खान आदि ने कर्मचारियों ने बताया कि सरकार की ओर निकाली गई नई निविदा कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसके विरोध में उन्होंने अनिश्चितकालिन हड़ताल का रुख किया है। जीवन वाहिनी कहलाने वाली एंबुलेंस के कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर आम जनता पर पड़ रहा है। उधर, कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी छह सूत्रीय मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
104 एम्बुलेंस यहां बंद रही
जिले में 104 एम्बुलेंस 15 स्थानों पर बंद रही। इसमें बालोर, बहरावण्डा खुर्द, फलौदी, चौथकाबरवाड़ा, शिवाड़, भाड़ौती, कुण्डेरा, मलारना चौड़, खिरनी, बौंली, बरनाला, वजीरपुर, बामनव व लिवाली जगहों पर एम्बुलेंस का संचालन ठप रहा।
यहा बंद रही 108 एम्बुलेंस
जिले में 108 एम्बुलेंस 18 स्थानों पर बंद रही। इनमें बहरावण्डा, शिवाड़, भाड़ौती, खिरनी, बौंली, मलारना डूंगर, बाटोदा, गंगापुरसिटी, वजीरपुर, बामनवास सहित अन्य स्थानों पर संचालन ठप रहा।
निजी एम्बुलेंस चालकों ने उठाया फायदा
जिले में 33 एम्बुलेंस का संचालन ठप होने से जिले में निजी एम्बुलेंस कर्मचारियों ने इसका फायदा उठाया। गांव-कस्बों के सीएचसी व पीएचसी परिसर में एम्बुलेंस खड़ी रही, तो जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल कोतवाली थाने के पास एवं मानटाउन थाना परिसर में एम्बुलेंस खड़ी दिखाई दी। इधर, 108 व 104 एम्बुलेंस के पहिए थमने के बाद निजी एम्बुलेंस से गंभीर रोगियों को अस्पताल पहुंचाया गया।
इन मांगों पर थमे एम्बुलेंस के पहिए
-108 और 104 एंबुलेंस सेवा के लिए सरकार अलग से रिसीवर नियुक्त करने।
-नई निविदा में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को ही सेवा में रखने।
-एम्बुलेंस ईएमटी (नर्सिंगकर्मी) बढ़ाने व पायलट का वेतन 14 हजार रुपए करने।
-कर्मचारियों का वेतन हर साल 10 प्रतिशत बढ़ाने।
-जहां एंबुलेंस रखी जाती है, वहां कर्मचारियों को मूलभूत सविधाएं देने।
-श्रम कानून के तहत कर्मचारियों का कार्य समय 8 घंटे करने।
ये बोले रोगियों के परिजन
एम्बुलेंस नहीं होने से परेशानी हुई। गंभीर रूप से घायल परिजनों को निजी वाहनों से जिला अस्पताल में पहुंचाया गया।
रामोतार सैनी,रोगी के परिजन, शिवाड़
एम्बुलेंस का संचालन ठप होने से परेशानी हुई। महंगे दामों पर निजी वाहनों से रोगी को अस्पताल लाया।
रजनीकांत सैन, रोगी का परिजन, बानोटा
इनका कहना है
जिले में एम्बुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के बाद हमने चालकों से चाबी लेकर फिलहाल फील्ड में रहने वाले स्थाई कर्मचारी को सौंपी है। इसके अलावा एडवांस लाइफ सेविंग(एलएस) का संचालन शुरू किया जाएगा।
डॉ.तेजराम मीना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सवाईमाधोपुर
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