मोड़क स्टेशन. मोड़क स्टेशन क्षेत्र में भूमाफिया ने कृषि भूमि को बिना रूपांतरण कराए ही भूखंड काट दिए। इसके चलते इन बस्तियों में रहने वालों को मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। खरीदारों ने मकान निर्माण तो करा लिए, लेकिन बिजली, पानी व सड़क आदि की सुविधाएं नहीं मिलने से इन लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
क्यों नहीं मिल रहे कनेक्शन
जानकारी के अनुसार कृषि भूमि का रूपांतरण नहीं होने से भूखंड खरीदने वाले लोगों के पास उनके भूखंड व मकान का टाइटल तक नहीं मिल पाता जिसके आधार पर वे प्रशासन, स्थानीय निकायों से सुविधाओं की मांग कर सके। प्रशासन की नजरों में ऐसी भूमि पर विकसित कॉलोनियां अवैध मानी जाती है।
250 से अधिक परिवार उठा रहे परेशानी
कस्बे की छापल्डा बस्ती में दो लोगों ने अपने खेत में भूखंड काटे थे, भू परिवर्तन नहीं कराया। लोगों ने इन पर मकान बना लिए, वर्तमान में ये बस्ती कस्बे के वार्ड 8 का हिस्सा है। इसी क्षेत्र में कृषि भूमि पर एक और कॉलोनी विकसित हो गई जो वार्ड 4 का हिस्सा है। इन दोनों योजनाओ में काटे गए सभी भूखंड पर करीब 150 परिवार रह रहे हैं। दूसरी कॉलोनी कस्बे के वार्ड 14 में ढाबादेह रोड पर कोटा निवासी एक कॉलोनाइजर ने काटी। इसे राजीव कॉलोनी के नाम से विकसित किया था। इस भूमि पर कुल 174 भूखंड काटे थे और करीब 40 परिवार इस कॉलोनी में निवास कर रहे हैं। इसी के समीप तीसरी कॉलोनी कोटा के ही एक कॉलोनाइजर ने काटी थी जिसमें 54 भूखंड थे और वर्तमान में 20 परिवार निवास कर रहे हैं। चौथी कॉलोनी कस्बे के वार्ड 10 में खेत में भूखंड काट कर विकसित की थी।
भाग छूटे कॉलोनाइजर
कॉलोनियां विकसित होने के बाद जब लोगों के सामने परेशानियां आने लगी तो उन्होंने कॉलोनाइजर पर भूमि रूपांतरित करवाकर पट्टे देने का दबाव बनाया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। परेशान लोगों ने पंचायत, तहसील और अंतत: उपखंड अधिकारी के समक्ष समस्याएं रखते हुए समाधान का निवेदन किया, लेकिन जवाब मिला कि सम्बंधित प्रक्रिया केवल कॉलोनाइजर जो कृषि भूमि का मालिक है, के आवेदन पर ही शुरू हो सकती है।
आम रास्ते पर छोड़ गए ट्रांसफॉर्मर
कस्बे के वार्ड 14 में बसी कॉलोनी में कॉलोनाइजर ने जो प्लानिंग काटी थी, उसमें मार्ग के बीच ट्रांसफार्मर है। लोगों ने कॉलोनाइजर से ट्रांसफार्मर अन्यत्र शिफ्ट करवाने को कहा तो उसने इनकार कर दिया। इस पर लोगों ने करीब एक माह पूर्व कॉलोनाइजर के खिलाफ मोड़क थाने में मामला भी दर्ज कराया है।
जमा कराई राशि
ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के लिए विद्युत निगम को आवेदन किया जिसने डिमाण्ड राशि जमा कराने को कहा। इस पर बस्ती के वाशिंदों ने ही 38000 रुपए की राशि एकत्रित की। ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग की फाइल अभी प्रक्रिया में है। जानकारी के अनुसार शिफ्टिंग के लिए जारी की जाने वाली राशि 38 हजार रुपए से अधिक होगी अर्थात कॉलोनी वालों को अभी और राशि एकत्र करनी पड़ेगी।
कर रहे हैं प्रयास
कॉलोनियों के वाशिंदों ने कई बार पट्टे जारी करने की मांग की, लेकिन कृषि भूमि होने के कारण ग्राम पंचायत पट्टे जारी करने में असमर्थ है, यदि आबादी भूमि में कन्वर्ट होकर पंचायत के खाते दर्ज होती है तो पंचायत पट्टे बना सकती है। फिर भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
ममता मेवाड़ा, सरपंच
कृषि भूमि पर भूखंड खरीदने वालों को प्लॉट का टाइटल चाहिए तो वे कॉलोनाइजर से सक्षम अधिकारी के समक्ष भूमि रूपांतरण का आवेदन करने को कहें। रूपांतरित होने के बाद कॉलोनाइजर ही टाइटल जारी करेगा।
राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, तहसीलदार, रामगंजमंडी
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