मलारना डूंगर. कस्बे में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत महिला व्याख्याता ने प्रधानाचार्या के खिलाफ मारपीट कर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मलारना डूंगर थाने में मामला ( FIR )दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार पीडि़ता सुमन मीना व्याख्याता ने रिपोर्ट पेश कर आरोप लगाया कि 31 अगस्त को प्रात:काल प्रार्थना के बाद कक्षा 12वीं की कक्षाध्यापिका होने के नाते वह विद्यालय कार्यालय में छात्र उपस्थिति रजिस्टर लेने गई।
इस दौरान प्रधानाचार्या उमा वर्मा ने स्थानीय परीक्षा की चार्ज लिस्ट दोबारा बनाकर कक्षा में जाने की बात कहते हुए रजिस्टर नहीं लेने दिया। पीडि़ता ने पहले छात्राओं की हाजिरी करने के बाद विद्यालय का कार्य करने की बात कही। इस पर प्रधानाचार्य नाराज हो गई और पीडि़ता को धक्का देकर गिरा दिया व जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। पीडि़ता ने परिजनों को सूचना करने के लिए मोबाइल मांगा तो नहीं दिया। घसीट कर बाहर निकाल दिया। पीडि़ता की तबीयत बिगडऩे पर विद्यार्थियों व अन्य स्टाफ कर्मियों ने मलारना डूंगर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से सवाईमाधोपुर रैफर कर दिया। सामान्य चिकित्सालय के आइसीयू में पीडि़ता का इलाज चला। 2 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद थाने में रिपोर्ट दी।
यह भी लगाए आरोप
पीडि़ता ने बताया कि 12 जून 2017 से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्यख्याता के पद पर कार्यरत है। प्रधानाचार्या आए दिन अपने सहकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग कर दुव्र्यवहार करती है। पीडि़ता को भी मानसिक रूप से प्रताडि़त कर छोटी-छोटी बातों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने लगी। जान बूझ कर पीडि़ता को जातिसूचक शब्दो से अपमानित करने लगी।
इनका कहना है
स्टाफ की पहले से आपसी शिकायते है। इनकी जांच कर रहे है।
मिथलेश शर्मा,जिला शिक्षा अधिकारी , माध्यमिक सवाईमाधोपुर
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2LrZMj2
No comments:
Post a Comment