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Thursday, October 31, 2019

एमपी टूरिज्म के पास अब तक फिल्म टूरिज्म पॉलिसी तक नहीं

विकास वर्मा, भोपाल

वर्ष 1952 में 'आनÓ मूवी के साथ मप्र में कैमरे संग रोमांस का जो सफर शुरू हुआ वो अब तक जारी है। अब तक यहां ऑन रेकॉर्ड 100 से ज्यादा मूवीज, 50 से अधिक सीरियल्स और 10 से अधिक वेब सीरीज शूट हो चुकी है। हाल ही में चर्चित अभिनेता कमल हासन ने अपनी बिग बजट दक्षिण भारतीय मूवी की शूटिंग का भोपाल शेड्यूल पूरा किया है। एमपी टूरिज्म को पिछले साल बेस्ट फिल्म फ्रैंडली स्टेट के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था लेकिन प्रदेश में फिल्म टूरिज्म को लेकर अब तक कोई पॉलिसी तक नहीं बन पाई है।

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जबकि उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में फिल्म टूरिज्म को लेकर अपनी पॉलिसी बनी हुई हैं। जबकि मप्र में पॉलिसी का महज ड्राफ्ट ही बना है वो भी पूरा नहीं हो पाया है। बता दें, फिल्म टूरिज्म पॉलिसी बनने से फिल्म मेकर्स को सभी सुविधा सिंगल विंडो के जरिए मिल सकेगी। साथ ही उसे यह भी पता लग सकेगा कि राज्य में शूटिंग करने से उसको क्या-क्या फायदे मिल सकेंगे। बता दें, विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर मप्र पर्यटन को लगातार तीसरे साल 10 राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार से भी नवाजा गया था।

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स्त्री, सुई धागा, दबंग-3 की शूटिंग भी एमपी में हुई

1952 में फिल्म आन से लेकर श्री420, रानी रूपमति, नया दौर, मुझे जीने दो, नर्तकी, दिल दिया दर्द लिया, तीसरी कसम, पुतली बाई, प्राण जाए पर वचन न जाए, किनारा जैसी फिल्में बनीं। वहीं पिछले कुछ सालों में यहां राजनीति, आरक्षण, जय गंगाजल, बाजीराव मस्तानी, मोहनजोदाड़ो, टॉयलेट एक प्रेम कथा, पैडमैन, संजू, स्त्री, सुई धागा, दबंग-3 समेत कई फिल्मों की शूटिंग हुई है।

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पॉलिसी बनने के बाद सरल हो जाएंगी कई चीजें
लाइन प्रोड्यूसर व फिल्म टूरिज्म कंसलटेंट जैद जुल्फिकार अली बताते हैं कि अभी तक एमपी में जितने भी डायरेक्टर या एक्टर आए हैं उन्हें यहां की कानून व्यवस्था, साफ-सफाई, शहरी ग्रामीण क्षेत्र का मिश्रण काफी पसंद आया है। यहां उन्हें जल स्त्रोत से लेकर पहाड़, तालाब, झरने और हैरिटेज बिल्डिंग आसानी से मिल जाती है। यहां का मौसम और कनेक्टिविटी काफी बेहतर है साथ ही भोपाल की जनता शूटिंग में बाधा नहीं बनती और यहां शूटिंग में सरकार, ब्यूरोक्रेट्स और टूरिज्म डिपार्टमेंट का पूरा सहयोग मिलता है लेकिन फिल्म पॉलिसी की सबसे ज्यादा जरूरत है क्योंकि इसके बनने के बाद बहुत सी चीजें काफी सरल हो सकेंगी।

प्रदेश में फिल्म पॉलिसी का ड्रॉफ्ट तैयार है, सिर्फ केबिनेट से मंजूरी का इंतजार है। इस पॉलिसी से फिल्म जगत को काफी फायदा मिलेगा। इसका अप्रूवल मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।

- राम कुमार तिवारी, डिप्टी डायरेक्टर, फिल्म टूरिज्म, मप्र टूरिज्म बोर्ड



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