मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पथ विक्रेताओं व्यवसायियों को विभन्न योजनाओं का लाभ दिए जाने के उद्देश्य शहरी पथ विक्रेता पोर्टल भी प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत शहरी असंगठित कामगारों - सड़क पर, पथ पर, गुमठी लगाकर, ठेला चलाकर व्यवसाय करने वालों का पोर्टल पर पंजीयन किया जायेगा। यह एकीकृत पोर्टल उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ देगा। मुख्यमंत्री ने सभी पथ विक्रेताओं का इस पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराने की बात कही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को मंत्रालय से प्रदेश के 374 नगरीय निकायों एवं 5 छावनी परिषदों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 330 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की। उन्होंने 'शहरी पथ व्यवसायी उत्थान योजना' एवं 'शहरी पथ विक्रेता पोर्टल' का शुभारंभ भी किया।
सीएम की पथ विक्रेताओं से बातचीत
मुख्यमंत्री चौहान ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के पथ विक्रेताओं भोपाल के मुनेश (चाट ठेला), संजय कुशवाह (सब्जी ठेला), उज्जैन की अनीता जैन (सब्जी ठेला), नरेन्द्र सिंह वैश्य (सब्जी ठेला), सतना की शीला कुशवाह (सब्जी विक्रेता), प्रमोद सोनी (पथ विक्रेता), इंदौर की बबीता (सब्जी पथ विक्रेता), अमरजी (सब्जी व्यवसाय) तथा दतिया के शिवराज सिंह (ताला-चाबी ठेला), कौशल्या पाल (फल ठेला) आदि से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दी गई राशि से वे अपना व्यवसाय करें। प्रसन्न रहें। मध्यप्रदेश सरकार हमेशा आपके साथ है।
केंद्र की शहरी पथ व्यवसायी उत्थान योजना
मुख्यमंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के पथ विक्रेताओं को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत शहरी पथ व्यवसायियों को 10 हजार रूपये का ऋण दिया जायेगा। इसमें 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहायता केन्द्र सरकार देगी। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी के साथ शहरी पथ व्यवसायी उत्थान योजना प्रारंभ की है, जिसके अंतर्गत शेष ब्याज की राशि, जो लगभग 5 प्रतिशत होगी, राज्य सरकार भरेगी। इस प्रकार हितग्राही को 10 हजार रूपये का ब्याज मुक्त ऋण मिल सकेगा। इसकी गारंटी सरकार देगी।
नगरीय निकाय दी गई राशि से करा सकेंगे विभिन्न कार्य
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि नगरीय निकायों को दी गई 330 करोड़ रूपये की राशि से पेयजल व्यवस्था, नाली निर्माण, सीवरेज कार्य, सड़क निर्माण, सड़क मरम्मत, अधोसंरचना विकास, गंदी बस्ती विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अग्निशमन सेवाओं आदि से संबंधित कार्य करा सकेंगे।
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