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Saturday, June 6, 2020

दो ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठों में दिखेगी रौनक, अब हर दिन होंगे भगवान के दर्शन

 

भोपाल। 12 ज्योतिर्लिंगों में से दो ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश में हैं। इनके साथ ही मैहर वाली माता, दतिया की पीताम्बरा पीठ और इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 8 जून से रौनक हो जाएगी। इस दिन से मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस बार दर्शन करने के लिए विशेष नियमों का पालन करना होगा।

 

कोरोनाकाल में ढाई माह बाद अब मध्यप्रदेश के सभी बड़े धर्मस्थल खुलने जा रहे हैं। इसके लिए समय से लेकर कई नियम बनाए गए हैं। महाकाल में तो भस्म आरती के लिए प्री बुकिंग कराने वालों के ही दर्शन होंगे। वहीं ओंकारेश्वर में भी भक्तों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही कड़े नियमों से गुजरना पड़ेगा। क्योंकि विश्व प्रसिद्ध इन मंदिरों में भक्तों की भीड़ रहती हैं और दर्शन के दौरान भक्त शिवलिंग को छूने के लिए आपाधापी करने लगते हैं। अब कोई भी भी भक्त शिवलिंग को छू नहीं पाएगा यहां तक कि मंदिर का घंटा तक नहीं बजा पाएगा।

केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार ने लॉकडाउन-5 में 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दे दी है। सभी धर्मस्थल सुबह 8 से शाम 5 बजे तक ही खुलेंगे। इस दौरान सभी को सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा।

Mahakal Temple: 8 जून से रोज भक्तों को दर्शन देंगे बाबा महाकाल, ऐसी है नई व्यवस्था

इंदौर के खजराना
इंदौर के खजराना मंदिर में भी सोमवार को सुबह मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। अब तक सिर्फ पुजारी परिवार ही भगवान की पूजा-अर्चना कर रहा है। मंदिर प्रबंधन ने यहां विशेष व्यवस्था की है। मंदिर को खुलने से पहले ही सैनेटाइज किया जा रहा है, वहीं हर एक स्थान को धोया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए चिंह्न बनाए जा रहे हैं। वहीं मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन के अफसरों की बैठकें भी चल रही हैं।

 

रंजीत हनुमान मंदिर में भी तैयारी
इधर, इंदौर के प्रसिद्ध रंजीत हनुमान मंदिर में भी मंदिर समिति तैयारी में जुट गई है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद भक्तों को एक कतार में खड़े रखने के लिए निशान बनाए जा रहे हैं। इस बार मंदिरों में धक्का-मुक्की नजर नहीं आएगी।


मां शारदा के दरबार में तैयारी
सतना जिले की मैहर वाली माता में भी इस बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नजर आएगा। शारदा मंदिर के दर पर बारह माह भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस दौरान सीढ़ियों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता था। इस बार मंदिर प्रशासन भी सीढ़ियों पर निशान बनाने में जुटा हुआ है। वहीं इस बार रोब-वे चल पाएगा या नहीं इस पर भी संशय है।


मां पीताम्बरा पीठ
दतिया में मां पीताम्बरा पीठ को सत्ता की देवी माना जाता है। इस मंदिर में दूर-दूर से भक्त आते हैं। अब वाहन चलने लगे हैं तो भक्तों की भी भीड़ उमड़ेगी। ऐसी स्थिति में मंदिर परिसर में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं हर व्यक्ति को हाथ धोकर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था होगी।

 

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यह है गाइडलाइन
-सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और अन्य जरूरी मापदंड अपना बेहद जरूरी है।
-कंटेनमेंट जोन से बाहर के धार्मिक स्थलों को ही खोलने की इजाजत होगी।
-65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, बीमारों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम आयु के बच्चों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इनको घर पर ही रखने की सलाह दी गई है।
-मंदिरों समेत सभी धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी होगी।
-ऐसी जगहों पर कम से कम 6 फीट की शारीरिक दूरी रखना आवश्यक होगा।
-मास्क लगाना और चेहरे को ढकना भी जरूरी रहेगा।
-साबुन से 40 से 60 सेकंड तक और सैनिटाइजर से 20 सेकंड तक हाथ धोने होंगे।
-खांसते और छींकते समय मुंह ढकना जरूरी होगा।
-मोबाइल पर अयोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने पर ही प्रवेश मिलेगा।
-सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर पूरी तरह से पाबंदी जारी रहेगी।
-मूर्तियों और ग्रंथों समेत किसी भी चीज को छूने की अनुमति नहीं होगी।

 

 

तैयारी में जुटा मंदिर का प्रबंधन
महाकाल मंदिर का प्रबंधन भी तैयारी में जुट गया है। सबसे ज्यादा भीड़ महाकाल मंदिर में उमड़ती है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त यहां आते हैं। यही वजह है कि प्रशासक एसएस रावत ने अधिकारियों की बैठक लेकर मंदिर की जिम्मेदारियां तय की हैं। इनके मुताबिक हाथ धोने और सेनेटाइजर की विशेष व्यवस्था होगी। मंदिर समेत सभी धार्मिक स्थलों के परिसर को कई बार साफ किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश करने से पहले जूते-चप्पलों को अलग रखना होगा।

 

भस्म आरती में कम रखेंगे श्रद्धालुओं की संख्या
प्रतिदिन तड़के चार बजे होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर भी मंथन किया गया। प्रशासन रावत के मुताबिक भस्म आरती में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसका ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान गर्भगृह में सिर्फ पुजारियों का ही प्रवेश रखा जा सकता है।

 

उज्जैन में 707 पहुंची संक्रमितों की संख्या
उज्जैन में अब तक 707 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं और 59 लोगों की जान गई है। शुक्रवार को जिले में 9 नए मरीज मिले हैं और एक मौत हुई है।



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