भोपाल. कोरोना काल के दौरान प्रदेश में, पोषण आहार, मध्याह्न भोजन और टेक होम राशन में भारी गड़बड़ी सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाखों बच्चों और महिलाओं के लिए राशन जारी किया, लेकिन यह ज्यादातर के पास पहुंच ही नहीं सका। अव्वल तो यह कि कई जिलों में कागजों में इसका वितरण भी दर्ज कर दिया गया है। इससे प्रदेशभर में बड़े गड़बड़झाले की आशंका है।
प्रदेश सरकार छह साल तक के बच्चों और गर्भवती व धात्री महिलाओं को कुपोषण से उबारने के लिए 97135 आंगनबाड़ी के जरिए पोषण आहार बांटती है। प्रदेश में इसका सालाना करीब 1200 करोड़ रुपए का बजट है। कुपोषण पर नजर रखने और कुपोषित महिलाओं-बच्चों के इलाज के लिए प्रदेश में तकरीबन 97 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 3409 पर्यवेक्षक तैनात है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जाता है। हालांकि, कोरोना लॉकडाउन के बाद से यह उन्हें स्कूलों में नहीं दिया जा सका। इसके स्थान पर टेक होम राशन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई, लेकिन यह उन तक नहीं पहुंच सकी।
शिवपुरी : कागजों में दो बार जारी हुआ राशन
कोरोना काल के दौरान सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए शासन ने गेहूं और चावल जारी किया, लेकिन यह उन तक पहुंच नहीं सका। जिले के प्राइमरी, मिडिल स्कूलों, मदरसों और अनुदान प्राप्त शालाओं में 2 लाख 15 हजार 372 बच्चे दर्ज हैं। 23 मार्च से अवकाश घोषित होने के बाद बच्चों को स्कूलों में मध्याह्न भोजन नहीं मिल पा रहा था। इस पर शासन ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रावधान अनुसार मार्च के 11 दिन व अप्रेल के 22 दिन का खाद्यान्न पहले चरण में आवंटित किया था। जिला पंचायत ने दोबारा मई के दूसरे सप्ताह में मई के 24 दिन और जून के 13 दिन कुल 37 दिन का खाद्यान पुन: जारी किया। कागजों में यह खाद्यान्न नागरिक आपूर्ति निगम (नान) से भेज भी दिया। जब 'पत्रिकाÓ ने शिक्षकों से बात की तो इस गड़बड़झाले का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि हमें इस बात की जानकारी ही नहीं है कि दोबारा खाद्यान्न वितरण होना है और यह जारी भी हो गया है।
- प्रदेश में मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े स्कूल/मदरसे
114970 कुल स्कूल
84542 प्राइमरी
30518 मिडिल
(प्राइमरी, मिडिल स्कूल और आंगनबाड़ी में 6031000 से अधिक बच्चों को मिड डे मील दिया जाता है।
खाद्यान्न आवंटन के संबंध में ऑर्डर तो जारी हो चुका है, लेकिन हमारे यहां अभी किसी भी स्कूल में दूसरी बार का खाद्यान नहीं बांटा गया है।
- अंगद सिंह तोमर, बीआरसीसी, शिवपुरी
हमारे यहां से खाद्यान आवंटन के ऑर्डर जारी हो चुके हैं। संभवत: नान से भी खाद्यान्न जारी हो गया है। बच्चों में बंटने भी लगा होगा।
- एचपी वर्मा, सीईओ, जिला पंचायत
हमारे यहां से सभी लीड संस्थाओं को खाद्यान्न जारी हो चुका है और ज्यादातर उठाव भी हो गया है।
- चंद्रशेखर सिंह, डीएम, नान
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