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Monday, September 7, 2020

देवताओं के गुरु यानि देवगुरु बृहस्पति से ऐसे पाएं आशीर्वाद, जानें सबसे खास उपाय

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का प्रभाव मनुष्य जीवन पर अत्यंत गहरा पड़ता है। ऐसे में जहां अच्छे ग्रहों की स्थिति में दुर्लभ से दुर्लभ स्थिति में भी आपकी इच्छा पूर्ण हो जाती है। वहीं दुष्ट ग्रहों की स्थिति आसान से आसान स्थिति को भी जटिल बनाते हुए, आपकी लाख कोशिशों के बावजूद उसे विफल कर देती है।

वहीं कुंडली में मौजूद ग्रह आपस में दृष्टि रखते हुए कई योग व कुयोगों का भी निर्माण करते हैं। लेकिन इस पूरी स्थिति में देवगुरु बृहस्पति की स्थिति तकरीबन सबसे मजबूत होती है। कारण ये है कि यदि गुरु आपकी कुंडली में प्रथम,चतुर्थ सप्तम या दशम भाव में विद्यमान होते हैं। तो वे कुंडली में किसी भी तरह के दोष का प्रभाव आने ही नहीं देते। हां, शुभ योग के प्रभाव को वे रोकते भी नहीं है।

लेकिन सबसे अजब स्थिति तब पैदा हो जाती है, जब देवगुरु खुद कमजोर स्थिति में हो या दुष्ट ग्रहों के पूरी तरह से घेरे में हों तो स्थितियां लगातार गड़बड़ाती रहती हैं। ऐसे में आज हम आपको गुरु ग्रह के दोषों को दूर करने के उपाय बता रहे हैं।

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ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा के अनुसार यदि कुंडली में गुरु ग्रह का कोई दोष हो, तो विवाह और भाग्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गुरु ग्रह के दोषों की शांति के लिए गुरुवार को खास उपाय किए जा सकते हैं। दरअसल बृहस्पति ग्रह को ही गुरु भी कहा जाता है, ये देवताओं के गुरु भी हैं। गुरु मुख्य रूप से विद्या के अलावा वैवाहिक जीवन व भाग्य के भी कुछ हद तक कारक ग्रह है।

गुरु ज्योतिष के नव ग्रहों में सबसे अधिक शुभ ग्रह माने जाते हैं। जीवन में हर क्षेत्र में सफलता के पीछे गुरु ग्रह की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कुंडली में अगर गुरु मजबूत हो तो सफलता का कदम चूमना बिल्कुल तय है। माना जाता है कि किसी भी सफलता के पीछे सकारात्मक उर्जा का होना अहम होता है और यही काम गुरु करते हैं। गुरु जीवन के अधिकतर क्षेत्रों में सकारात्मक उर्जा प्रदान करने में सहायक होते हैं। अपने सकारात्मक रुख के चलते व्यक्ति कठिन से कठिन समय को आसानी से सुलझा लेता है। गुरु आशावादी बनाते हैं और निराशा को जीवन में प्रवेश नहीं करने देते। इसके फलस्वरूप सफलता खुद ब खुद कदम चूमने लगती है और जिंदगी में खुशहाली भी आ जाती है।

कमजोर गुरु : जीना मुहाल कर देती हैं मुश्किलें
जानकारों के अनुसार यदि कुंडली में गुरु अगर कमजोर हों तो तमाम मुश्किलें जीना मुहाल कर देती हैं। बनते हुए काम बिगड़ जाते हैं। किसी काम में यश नहीं मिलता। घर में पैसे की तंगी बनी रहती है और स्वास्थ्य पर भी इसका असर दिखने लगता है। ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है तो उसे मजबूत कैसे करें और कैसे घर में खुशहाली लाएं।

गुरु के प्रबल प्रभाव वाले जातकों की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और आम तौर पर इन्हें अपने जीवन काल में किसी गंभीर वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे जातक विनोदी स्वभाव के होते हैं साथ ही जीवन के अधिकतर क्षेत्रों में इनका दृष्टिकोण सकारात्मक होता है। ऐसे जातक अपने जीवन में आने वाले कठिन समयों में भी अधिक विचलित नहीं होते और अपने सकारात्मक रुख के कारण इन कठिन समयों में से भी अपेक्षाकृत आसानी से निकल जाते हैं।

मजबूत गुरु: आशावादी होते हैं जातक
मजबूत गुरु वाले जातक आशावादी होते हैं और निराशा का आम तौर पर इनके जीवन में लंबी अवधि के लिए प्रवेश नहीं होता। इस कारण ऐसे जातक अपने जीवन के प्रत्येक पल का पूर्ण आनंद उठाने में सक्षम होते हैं। ऐसे जातकों के अपने आस-पास के लोगों के साथ मधुर संबंध होते हैं साथ ही आवश्यकता के समय वे अपने प्रियजनों की हर संभव प्रकार से सहायता करते हैं। इनके आभा मंडल से एक विशेष तेज निकलता है जो इनके आस-पास के लोगों को इनके साथ संबंध बनाने के लिए तथा इनकी संगत में रहने के लिए प्रेरित करता है। आध्यात्मिक पथ पर भी ऐसे जातक अपेक्षाकृत शीघ्रता से ही परिणाम प्राप्त कर लेने में सक्षम होते हैं।

गुरु : कुछ तथ्य...
1. गुरु यानि बृहस्पति लग्न मे बैठा हो, तो बली होता है और यदि चंद्रमा के साथ कही बैठा हो तो चेष्ठाबली होता है।

2. गुरु को शुभ ग्रह माना गया है।

3. गुरु धनु व मीन राशि का स्वामी है।

4. गुरु जातक को मजिस्ट्रेट, वकील, प्रिंसिपल, गुरु, पंडित, ज्योतिषी, बैंक, मैनेजर, एमएलए, मंदिर के पुजारी, यूनिवर्सिटी का अधिकारी, एमपी, प्रसिद्ध राजनेता के गुण आदि बनाता है।

गुरु ग्रह : ये हैं दोषों को दूर करने के उपाय...
यदि कुंडली में गुरु यानि बृहस्पति ग्रह का कोई दोष हो, तो विवाह और भाग्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गुरु ग्रह के दोषों की शांति के लिए गुरुवार को खास उपाय किए जा सकते हैं। गुरु विद्या के अतिरिक्त वैवाहिक जीवन व भाग्य का कारक ग्रह है।

जानिये वह उपाय, जिनसे गुरु ग्रह के दोषों को दूर किया जा सकता है ( इन उपायों से दूर हो सकती हैं धन, संपत्ति, विवाह और भाग्य संबंधी बाधाएं )…
1. गुरुवार को सूर्योदय से पहले उठें। स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

2. गुरुवार को गुरु ग्रह के लिए व्रत रखें। इस दिन पीले कपड़े पहनें। बिना नमक का खाना खाएं। भोजन में पीले रंग का पकवान जैसे बेसन के लड्डू, आम, केले आदि भी शामिल करें।

3. गुरु बृहस्पति की प्रतिमा या फोटो को पीले कपड़े पर विराजित करें और पूजा करें। पूजा में केसरिया चंदन, पीले चावल, पीले फूल और प्रसाद के लिए पीले पकवान या फल चढ़ाएं।

4. गुरु मंत्र का जप करें- मंत्र- ॐ बृं बृहस्पते नम:। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।

5. गुरु से जुड़ी पीली वस्तुओं का दान करें। पीली वस्तु जैसे सोना, हल्दी, चने की दाल, आम (फल) आदि।

6. हर गुरुवार शिवजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इस उपाय से गुरु ग्रह के दोष दूर होते हैं।

7. गुरुवार की शाम को केले के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। केले की पूजा करें और लड्डू या बेसन की मिठाई चढ़ाएं।

8. गुरुवार की विशेष पूजा के बाद स्वयं के माथे पर केसर का तिलक लगाएं। यदि केसर नहीं हो तो हल्दी का तिलक भी लगा सकते हैं।

9. गुरुवार को माता-पिता और गुरु के चरण स्पर्श करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।



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