कोटा. कोटा में कोरोना रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा होने के कारण चिकित्सा व्यवस्था वेंटिलेटर की ओर बढ़ती नजर आ रही है। उपचार करने वाले डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और अन्य मेडिकल कार्मिकों पर संक्रमण का हमला हो रहा है। कोविड के गंभीर रोगियों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो अगले कुछ दिनों में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी। इससे मरीजों को इलाज नहीं मिल पाएगा। इस समय शहर के सैकड़ों परिवार किसी न किसी रूप में संक्रमितों के साथ रहने को मजबूर हैं। पॉजिटिव लोगों के घर मेडिकल टीम नहीं जा पा रही है। होम आइसोलेट मरीजों को कई दिनों तक दवाइयां तक नहीं मिलने की शिकायतें रोज आ रही हैं। पॉजिटिव मरीजों की लाइन लगती जा रही है और संसाधन हर रोज कम पड़ते जा रहे हैं। शहर में बड़ी तादात में मरीजों का इलाज करने वाले हैल्थ वॉरियर्स डॉक्टर व सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के भी कोरोना की चपेट में आने से चिंता बढ़ गई है। पत्रिका ने बीते 15 दिन की रिपोर्ट खंगाली तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। शहर के 50 डॉक्टर, 25 से अधिक नर्सिंग स्टाफ व टेक्निकल स्टाफ कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। इनमें मेडिकल कॉलेज व शहर के निजी सीनियर चिकित्सक भी शामिल हैं।
व्यवस्था संभालने वालों पर संक्रमण का हमला
कोटा में कोरोना वायरस ने 6 अप्रेल को दस्तक दी थी। उसके बाद से रेजीडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, ईसीजी टेक्निशियन व अन्य टेक्निकल स्टाफ पॉजिटिव आ चुके हैं। नए अस्पताल के अधीक्षक व कार्यवाहक अधीक्षक तक पॉजिटिव हो चुके हैं। कोटा में अप्रेल से अब तक करीब 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। बीते अगस्त माह व सितम्बर की बात करें तो इनमें थाने के पुलिसकर्मी, आरएएसी की बटालियन तक संक्रमित हो चुकी है। कोरोना का संक्रमण आला अधिकारियों तक पहुंच चुका है। आईपीएस अधिकारी से लेकर डिप्टी, एएसआई, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल तक संक्रमित हो चुके हैं। शहर की कानून व्यवस्था पर नजर रखने वाले अभय कमांड सेंटर पर कोरोना की नजर लग गई। यहां भी एक आरपीएस अधिकारी समेत करीब 15 पुलिसकर्मी पॉजिटिव आ चुके हैं।
ऑक्सीजन के लिए संघर्ष
कोविड रोगियों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए संसाधन कम पडऩे पर मेडिकल कॉलेज ने करीब 110 सिलेंडर तत्काल क्रय किए हैं। वहीं 110 का वर्क ऑर्डर पूरा होने वाला है। ऑक्सीजन के बड़े संकट को टालने लिए चार नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने के वर्कऑर्डर जारी किए हैं। इनमें से दो प्लांट 15 दिन की अवधि में लगाए जाएंगे।
फैक्ट फाइल
70 डॉक्टर अब तक पॉजिटिव आए
20 डॉक्टर हो गए नेगेटिव
50 डॉक्टर अभी भी पॉजिटिव
50 से अधिक नर्सिंगकर्मी, पैरा मेडिकल स्टाफ संक्रमित
25 नर्सिंगकर्मी, पैरा मेडिकल स्टाफ नेगेटिव हो चुके हैं
291 रोगी कोविड अस्पताल में हैं भर्ती
130 रोगियों को ऑक्सीजन दी जा रही है
85 कोरोना रोगी आईसीयू में हैं
2 रोगी वेंटिलेटर पर हैं
3500 कोविड जांच करने की क्षमता वाली लैब है
3000 हजार जांचें रोज हो रही
ये बोले जिम्मेदार
होम क्वारंटाइन पॉजिटिव रोगियों की देखभाल के लिए अतिरिक्त दलों का गठन किया जा रहा है। ऐसे रोगियों को दवाओं की आपूर्ति के लिए भी प्रबंध किए गए हैं। होम क्वारंटाइन नागरिकों को कोरोना से सम्बंधित परेशानी होने पर नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0744-2450260 तथा जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0744-2323557 पर सूचना दी जा सकती है।
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर, सीएमएचओ, कोटा
मेडिकल कॉलेज में 675 बेड की क्षमता
मेडिकल कॉलेज में 675 बेड की क्षमता के साथ ऑक्सीजन के पर्याप्त सिलेंडर व कोरोना इलाज में कारगर 800 इंजक्शन की आपूर्ति हो गई है। संक्रमितों को इलाज की समुचित व्यवस्था मेडिकल कॉलेज एवं 3 निजी अस्पतालों में है। मेडिकल कॉलेज में बेड की क्षमता को आवश्यकता पडऩे और बढ़ाया जा सकता है। पाइपलाइन से बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई के साथ सरकार द्वारा अतिरिक्त सिलेंडरों की आपूर्ति भी कर दी गई है।
-डॉ. विजय सरदाना, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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