भोपाल. झोलाछाप डॉक्टरों के यहां हुई ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई में कई डॉक्टरों के पास तो डिग्रियां ही नहीं मिलीं। एसडीएम गोविंदपुरा मनोज वर्मा की टीम ने शिव नगर भानपुर में झोलाछाप डॉक्टर के यहां कार्रवाई की तो उसकी बातें सुनकर टीम भी हैरत में पड़ गई। दो साल से क्लीनिक संचालित कर रहे कथित डॉक्टर संतोष के पास कोई डिग्री नहीं मिली। एसडीएम ने और जांच की तो पता चला कि वो कोरोना काल में काफी मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार की दवा बांट चुका है। एसडीएम ने तत्काल सेन क्लीनिक को सील करा दिया। एमपी नगर एसडीएम की कार्रवाई में क्लीनिक पर कोरोना मरीजों को दिए जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं, मलेरिया का इंजेक्शन क्लोरोक्वीन मिला है। इससे साफ होता है कि इन क्लीनिकों पर सिर्फ सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीजों को दवा ही नहीं बल्कि कोरोना, मलेरिया के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं भी दी जा रहीं थीं। प्रशासन ने 42 क्लीनिकों पर कार्रवाई की है। डॉक्टरों को डिग्री दिखाने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
एसडीएम एमपी नगर आकाश श्रीवास्तव, तहसीलदार मनीष शर्मा की तरफ से की गई जांच में खजूरीकला में सोनपुरा में रूबी क्लीनिक जिसका संचालन डॉ. प्रभात कुमार गुप्ता कर रहे थे, हिमानी फॉर्मेसी एंड डिस्पेंसरी, संचालन कर्ता नीलेश साहू, पीरिया मौहल्ला, आरोग्य पाली क्लीनिक, संचालन कर्ता डॉक्टर लीला किशन सिंह, यादव क्लीनिक, सोनपुरा जो बंद मिला है। इसी प्रकार ओम साईं क्लीनिक खजूरी कला भी बंद मिला है।
गोपनीय रखी कार्रवाई की सूचना
प्रशासन को काफी समय से झोलाछाप डॉक्टरों की तरफ से कोरोना पेंशेंटों और सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम के मरीजों को दवा दिए जाने की सूचना मिल रही थी। इससे कोविड के पेशेंट फीवर क्लीनिक पर नहीं पहुंच रहे थे। देरी से पहुंचने पर वह कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। इस प्रकार के कई फीडबैक के बाद प्रशासन ने गोपनीय तरीके से सूची बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया है।
होम्योपैथी, आयुर्वेद की डिग्री इलाज एैलोपेथी का
कई डॉक्टरों के पास होम्योपैथी और आयुर्वेद की डिग्री मिली है और इलाज एलोपैथी का कर रहे थे। कई डॉक्टरों के पास तो मौके पर डिग्री ही नहीं मिली। जिन 42 क्लीनिक और डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई हैं उनमें से आठ के पास डिग्री ही नहीं है। ऐसे में वे क्या इलाज कर रहे होंगे। आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।
ये भी खामियां मिली हैं
- स्वास्थ्य विभाग से ली जाने वाली परमिशन भी इन लोगों के पास नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग की सूची पर कार्रवाई
- कई क्लीनिक पर कुछ प्रतिबंधित दवाएं भी मिली हैं, जिनका पंचनामा बनाकर जांच के लिए भेजा जाएगा।
- छोटे से कमरों में सुबह से लेकर रात तक चला रहे थे क्लीनिक, सोशल डिस्टेंस बनी मजाक, मास्क भी नहीं लगाए मिले।
- खजूरी के क्लीनिकों पर कई जगह ग्लूकोज की खाली बोतलें मिली हैं, जो गलत तरीके से रखी थीं। इसी प्रकार कई जगह दवाएं भी लापरवाही से रखी थीं।
- 18 क्लीनिक से एक्सपायरी के शक में दवाओं को सील किया गया है। इनकी जांच की जाएगी।
वर्जन-----
- अचानक दिए जांच के निर्देश
लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों के बारे में शिकायत मिल थी। इस वजह से संक्रमण को काबू करने में परेशानी हो रही थी। देरी से व्यक्ति पहुंचता है तो उसे ही तकलीफ बढ़ जाती है। इस कारण और काफी समय से रुटीन जांच भी नहीं हुई थी, अचानक निर्देश देकर जांच कराई है।
अविनाश लवानिया, कलेक्टर
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