कोटा.
आम आदमी अपनी पंूजी को बैंक खातों में जमा करता है, इस मंशा से कि वो सुरक्षित रहेगी। लेकिन, बढ़ते सायबर क्राइम से अब लोगों का पैसा बैंकों में भी सुरक्षित नहीं रहा। तभी तो आए दिन शोपिंग या अन्य बहानों से खातों से पैसा उड़ाने के नित नए तरीके अपराधी अपना रहे और पीडि़त के हिस्से में आ रहा सिर्फ बैंक और थानों के चक्कर लगाना। कनवास निवासी सेवानिवृत्त अध्यापक कृष्णबिहारी लीलरिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। सेवानिवृत्ति के बाद सांगोद एसबीआई बैंक के उनके खाते में सरकार से मिलने वाली पेंशन आती है। दो माह पूर्व गुडग़ांव निवासी किसी शख्स ने उनके खाते में सेंध लगा दी। उस शख्स ने खाते से 1 लाख 20 हजार रुपए उड़ा लिए। पीडि़त ने बैंक में भी शिकायत दी। साथ ही थाने में भी कार्रवाई की गुहार लगाई। लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है।
समझ पाते तब तक निकल गए
पीडि़त कृष्णबिहारी ने बताया कि 20 फरवरी को उनके बैंक खाते से जुड़े मोबाइल पर 40-40 हजार रुपए एटीएम से निकासी के 2 बार मैसेज आए। माजरा उनके समझ में आता इससे पहले ही ठीक दूसरे दिन फिर उनके खाते से 20-20 हजार रुपए की दो बार निकासी हो गई। इस पर उन्होंने तत्काल सांगोद पहुंचकर बैंक प्रबंधन को शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे थाने की चौखट पर गए। पुलिस को भी परिवाद दिया लेकिन नतीजा अब तक कुछ नहीं निकला। हर कोई अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। उनका कहना है कि, थाने में जाते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि भूल जाओ। वे कहते हैं कि अब इतनी बड़ी रकम भूल कैसे सकते हैं।
दो माह से लगा रहे चक्कर
पीडि़त सेवानिवृत्त शिक्षक दो माह से थाने व बैंक के चक्कर काट रहे हैं। बैंक ने पीडि़त को पैसा निकालने वाले शख्स की पूरी जानकारी भी दे दी। बावजूद इसके पुलिस अब भी कुछ नहीं कर पा रही।
पुलिस बोली: जांच चल रही है
मामले में थानाधिकारी पन्नालाल जांगिड़ ने पत्रिकाडॉटकॉम को बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक के खाते से पैसा निकालने सम्बंधित परिवाद उन्हें मिला था, इसकी जांच चल रही है। पैसा भूलने जैसी कोई बात नहीं कही गई।
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