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Saturday, April 20, 2019

स्मार्टसिटी में गजब हुआ, 98 में से महज पांच पर ही काम, जोखिम में जान

 

भोपाल. स्मार्टसिटी के टीटी नगर क्षेत्र में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी प्रोजेक्ट) में घरों-दुकानों के किनारे 25 फीट गहराई तक खुदाई कर दी गई है। निर्माण ठेकेदार स्मार्टसिटी कंपनी को बार-बार लिखकर दे रहे हैं कि खुदाई की वजह से दुकानें और मकान दरक सकते हैं।

छतें टूट सकती है। बावजूद इसके स्मार्टसिटी कंपनी के जिम्मेदार सुनवाई नहीं कर रहे। हालात ये हैं कि एबीडी में 98 प्लॉट बनने हैं, लेकिन अब तक महज पांच पर ही काम शुरू हो पाया है। यहां भी राजनीतिक और अन्य दबाव की वजह से वे घर-दुकान शिफ्ट करने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहे।

अरबों रुपए खर्च करने के बाद स्मार्टसिटी के काम को बंद भी नहीं करा सकते। इस दुविधा की स्थिति में यहां रहने वालों की जान को जोखिम बढ़ गया है। गुरुवार को दशहरा मैदान के किनारे की छह दुकानों के गिरे छज्जे और इसमें एक व्यक्ति के घायल होने की घटना ने इस आशंका को सच साबित कर दिया है।

ठेका कंपनी ने दो माह पहले ही लिख दिया था, स्मार्टसिटी के इंजीनियर ने दरकिनार किया

दशहरा मैदान के रिडेवलपेंट करने वाली कंपनी सुप्रीम ग्रुप के भोपाल प्रभारी मोहम्मद रईस के अनुसार हमने दो माह पहले ही स्मार्टसिटी को पूरी रिपोर्ट बनाकर दी थी कि ये दुकानें खाली कराई जाए। ये बेहद जर्जर हो चुकी है और खुदाई की धमक से गिर सकती है। बावजूद इसके कुछ नहीं किया गया। हमने आज का काम बंद किया है, कल से फिर काम शुरू कर देंगे।

बुलेवार्ड स्ट्रीट के जवाहर चौक वाले हिस्से में दुकानों से सटकर खुदाई

प्लेटिनम प्लाजा से जवाहर चौक और बाणगंगा तक निर्माणाधीन बुलेवार्ड स्ट्रीट में जवाहर चौक की दुकानों से सटकर ही गहरी खुदाई कर दी गई। यहां भी ठेका कंपनी ने दुकानों को खाली कराने का लिखा, लेकिन सुनवाई नहीं की। आशंका है कि खुदाई में दुकानो ंकी दीवारें, छत गिर सकती है जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है।

टीटी नगर स्टेडियम के पास लगातार ब्लॉस्ट, रहवासियों की शिकायत की सुनवाई नहीं

टीटी नगर स्टेडियम के बिल्कुल सामने स्मार्ट हाट के लिए खुदाई की जा रही है। यहां दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्र्किंग विकसित करने पत्थरों को तोडऩे ब्लॉस्ट किया जा रहा। अब भी इसके पास वाले हिस्से में 200 से अधिक परिवार रहते हैं और वे बेहद परेशान है। टीटी नगर स्टेडयम में आने वाले भी इससे दिक्कत में है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

टीनशेड के सामने दस फीट गहरा गड्ढा पानी से भरा, दुर्घटना की आशंका

टीनशेड से लगे क्षेत्र में एबीडी की लेवलिंग करने वाली एजेंसी ने करीब 50 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा व दस फीट गहरा गड्ढा बीते करीब दो माह से खोदकर रखा हुआ है। आसपास के गंदे पानी से गड्ढा छह फीट तक भर गया है। यहां दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।

गड्ढों में ही 400 करोड़ रुपए

यहां निर्माण एजेंसियों ने स्मार्टसिटी अफसरों से दावा किया है कि उन्होंने अब तक करीब 400 करोड़ रुपए का खर्च कर दिया है। जमीनी हकीकत ये हैं कि यहां बुलेवार्ड स्ट्रीट और सरकारी कर्मचारियों के मकान को छोड़ दें तो कोई काम गड्ढे से बाहर नहीं निकल पाया है। ऐसे में हम इसे गड्ढे में 400 करोड़ रुपए कह सकते हैं।

ये हैं जिम्मेदार

स्मार्टसिटी के सिटी इंजीनियर रामजी अवस्थी के पास इस पूरे काम की निगरानी का जिम्मा है। इन्हें आसाम ट्रांसफर कर दिया है, लेकिन अब भी इन्होंने स्मार्टसिटी से रिलिविंग नहीं दी। इस पूरे क्षेत्र को खाली कराने और सभी 98 प्लॉट की लेवलिंग का काम इन्हें कराना था। इन्होंने प्लॉटिंग पूरी कराने की बजाय निर्माण शु्ररू करा दिया जो अब जान का जोखिम बढ़ा रहा है।

 

स्मार्टसिटी से मकान दुकान की शिफ्टिंग के साथ निर्माण का काम भी चल रहा है। अब दुर्घटना कैसे हुई, इसे दिखवा रहे हैं। ये तो सभी दुकानें तोडऩा ही है। ठेकेदारों को अधिक ध्यान से काम करने का कहा गया है।
- संजयकुमार, सीइओ स्मार्टसिटी


एबीडी प्रोजेक्ट एरिया में जो मशीनें काम कर रही है उनमें से 50 फीसदी का रजिस्ट्रेशन नहीं है। इन्हें ऑपरेट करने वालों को ट्रेनिंग देना थी, लेकिन नहीं दी गई। रहवासी क्षेत्र, दुकानों को शिफ्ट करने के बाद काम शुरू करना था, लेकिन बीच में ही शुरू किया गया। इसकी शिकायत उच्चस्तर पर की जा रही है।

- मोहम्मद फराज, एक्टिविस्ट



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