ग्वालियर. जीवाजी यूनिवर्सिटी को एजेंसी ने अभी तक तीन बड़े रिजल्ट बनाकर दिए हैं। तीनों ही परिणामों में खामियों का अंबार है। रिजल्ट तैयार कर रही नागपुर की एजेंसी ने अपनी गलतियों से सबक लेने की बजाय अब तीन छोटे परिणाम जारी किए हैं। इनमें भी खामियां को दूर नहीं किया गया है। छोटे परीक्षा परिणामों के जरिए जेयू प्रबंधन एजेंसी की उपलब्धि को दिखाने की कोशिश कर रहा है, ताकि छात्रों का आक्रोश नियंत्रित रहे।
उल्लेखनीय है कि जेयू ने नागपुर की माइक्रो प्रो एजेंसी को यूनविर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम संभालने की जिम्मेदारी सौंपी है। 4 करोड़ रुपए से अधिक के इस कांट्रेक्ट में बिना काम किए कंपनी को 42 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बाद से लेकर अभी तक कंपनी की सहयोगी आईवेल और एक अन्य कंपनी काम छोडकऱ भाग चुकी हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान में कंपनी तकनीकी स्तर पर बेहद कमजोर है, यही कारण है कि बीकॉम, बीए और बीएससी जैसे बड़े परीक्षा परिणामों में थोक में त्रुटियां हुई हैं। इसके बाद भी कंपनी की गलतियों को अनदेखा करके जेयू से वेतन ले रहे कर्मियों को कंपनी के सहयोग के लिए लगाया गया है ताकि नागपुर की इस एजेंसी को लाभ पहुंचाया जा सके।
इन परिणामों को किया घोषित
बड़े परिणामों में फेल होने के बाद कंपनी ने अब छात्रों का आक्रोश शांत करने और उपलब्धि दिखाने के उद्देश्य से छोटे परिणाम जारी कर दिए हैं। शुक्रवार को जारी हुए इन परिणामों में बेहद कम छात्रों वाले एमलिब पहले सेमेस्टर, एटीकेटी, पांच साल बीएलएलबी के नौवे एवं सातवें सेमेस्टर सहित एटीकेटी, बीएचएससी पांचवे सेमेस्टर का परिणाम जारी कर दिया है। जबकि बीए, बीएससी, बीकॉम के प्राइवेट के परीक्षा परिणाम को अभी तक जारी नहीं किया गया है। इससे छात्र परेशान हो रहे हैं।
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