ग्वालियर। बीस साल पुराने वारंटी को पकडऩे जाना जनकगंज थाने की पुलिस को महंगा पड़ गया। परिजनों ने लाठी-डंडों से पुलिस पर हमला कर वारंटी छुड़ा लिया पुलिसवालों को गांव से खदेड़ दिया। पथराव में एक पुलिसकर्मी घायल भी हुआ है। हमले की खबर पुलिस अफसरों को मिली तो पुलिस फोर्स गांव पहुंचा लेकिन हमलावर भाग चुके थे। फिर तिघरा थाने आकर एफआइआर कराइ गई। मामला तिघरा थाना क्षेत्र के नगदा गांव का है। पुलिस के मुताबिक ५ हजार का इनामी गब्बर सिंह गुर्जर पुत्र हीरा सिंह पिछले २० साल से फरार है।
उसका स्थाई वारंट है। पुलिस को खबर मिली कि गब्बर गांव में ही छिपा हुआ है। इस पर जनकगंज थाने के एसआई रविन्द्र मालवीय, आरक्षक संतोष मिश्रा, संतोष यादव, छत्रपाल सिंह भदौरिया और चालक इकबाल के साथ नगदा गांव पहुंच गए।
गब्बर के घर दबिश देकर उसे सोते में उठा लिया। उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर लेकर जाने लगे। तभी गब्बर के परिजन लाठी और डंडे लेकर निकल आए। पुलिस पर हमला कर गब्बर को गाड़ी में से उतार लिया। परिजन को आक्रोशित देख पुलिसवाले भी चुपचाप रहे, लेकिन जब पुलिस उनके घर के सामने से नहीं हटी तो उन्होंने पथराव कर दिया। पथराव होता देख पुलिस ने गाड़ी स्टार्ट की और उल्टे पैर वापस लौट आए। पथराव में आरक्षक संतोष के चोट आई है।
गाड़ी से चाबी निकालकर पुलिस को धमकाया
पुलिस जब गब्बर को बैठाकर गाड़ी से लेकर जाने लगे तो परिजन लाठी लेकर गाड़ी के पास पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने गाड़ी की चाबी निकाल ली। जिससे गाड़ी आगे नहीं बढ़ी। मिन्नतें कर पुलिस ने चाबी तो हासिल कर ली लेकिन गब्बर को दोबारा गिरफ्त में नहीं ले सके। उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।
4 पर एफआइआर
तिघरा थाना पुलिस ने एसआई रविन्द्र मालवीय की शिकायत पर वांरटी गब्बर सिंह, हीरा सिंह, सोने सिंह और छोटा सिंह गुर्जर पर शासकीय कार्य में बाधा, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं के तहत एफआइआर की है।
पहले भी कई बार हो चुके हैं पुलिस पर हमले
पुलिस पर हमला पहली बार नहीं हुआ है। कुछ साल पहले महाराजपुरा इलाक में पुलिस पर हमला कर पिस्टल भी छीन ली गई थी। बड़ी मशक्कत के बाद पिस्टल वापस मिली थी। इसी प्रकार भटपुरा गांव में भी पुलिस पर हमला हो चुका है। जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
तिघरा थाना पुलिस को बताए बिना गांव में दबिश
जनकगंज पुलिस ने तिघरा थाना पुलिस को जानकारी दिए बिना ही गांव में वारंटी को पकडऩे पहुंच गए। जबकि होता है कि संबधित थाने को सूचना देने के बाद ही कार्रवाई होती है। नगदा गावं तिघरा थाने से करीब २५ किलोमीटर दूर जंगल में है। अगर तिघरा थाना पुलिस को खबर देते तो हमला नहीं होता।
"वारंटी को पकडऩे आई जनकगंज थाने की पुलिस पर वारंटी और उसके परिजन ने हमला कर वांरटी का ले जाने नहीं दिया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गांव में दबिश दी लेकिन वह भाग गए। उनकी तलाश की जा रही है।"
अमित भदौरिया,टीआई तिघरा थाना
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