ग्वालियर। धोखाधड़ी के मामले में कुछ दिन जेल काटने के बाद जमानत पर छूटा धोखाधड़ी का आरोपी बेल जंप कर गया। पिछले 3 साल से वह फरार था। कई बार पुलिस ने तलाशा लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था लेकिन इस बार पुलिस ने एक योजना बनाई। पुलिस को पता था कि वह नौकरी के नाम पर लोगों से पैसे ठगता है। किसी तरह उसका पता ढूंढा। फिर उसका फोन नंबर हासिल कियास। ग्राहक बनकर आर्मी में नौकरी की बात कर रकम तय कर ली। फिर उसे ठिकाने पर बुलाया। जैसे ही वह बातचीत करने आया पहले से तैयारी बैठी पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक सिंकदरपुर राजाखेड़ा (धौलपुर) निवासी विनोद (32) पुत्र रामसनेही के खिलाफ वर्ष 2012 में मुरार थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। यह एक युवक को आर्मी में भर्ती होने के लिए मेडिकल जांच के लिए मुरार स्थित आर्मी परिसर में पहुंचा था लेकिन आर्मी वालों ने इसकी चालाकी पकड़ ली और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके बाद इस पर मामला दर्ज हुआ। करीब 15 दिन जेल में रहने के बाद वह जमानत पर छूट गया। इसके बाद कोर्ट में तारीख पर नहीं आया। वर्ष 2016 में इसका वारंट निकल गया लेकिन यह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। शनिवार को एसआई एसएस परमार अपनी टीम के साथ पिनाहट गए और उसे दबोच लिया।
ऐसे फंसा पुलिस के चक्कर में
पुलिस विनोद के गांव पहुंची तो पता चला यह पिनाहट में एक कंपनी के शोरूम पर काम करता है। ग्राहक बनकर पुलिस का एक आदमी उस दुकान पर पहुंचा। विनोद के बारे में पूछा तो उस वक्त वह नहीं मिला। फिर वहीं से उसका फोन नंबर कबाड़ा। फिर फोन लगाकर उससे नौकरी की बात कर ली। पैसों के लेन-देन के लिए ठिकाना बताकर उसे बुलाया। जैसे ही वह आया पुलिस दबोचकर उसे ग्वालियर ले आई।
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