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Friday, June 7, 2019

सूरज के गुस्से से बचने को कोटा रोज खर्च कर रहा 50.79 लाख यूनिट बिजली

कोटा. सूर्यदेव के तेवर तीखे हैं। आग उगल रहे सूर्य के चलते तापमापी का पारा बढ़ता ही जा रहा है। इसी के साथ लगातार बढ़ रही है लोगों की गर्मी से परेशानी। सड़कें सूनी हो गई हैं, लोग दिनभर घरों में दुबके हुए हैं। घर से निकलना ज्यादा जरूरी है तो लोग अलसुबह या देर शाम ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दिनभर घरों में कूलर, पंखे या एसी के साए में बैठकर समय बीत रहा है।

 

गर्मी बढऩे से शहर में बिजली की खपत भी लगातार बढ़ रही है। लोगों के घरों में दिन-रात पंखे, कूलर व एसी चलने से बिजली की खपत का ग्राफ पिछले तीन महीने में दोगुने से भी अधिक हो गया है।


आंकड़ों के अनुसार मार्च माह के प्रथम सप्ताह में जहां शहर में बिजली की खपत 22 लाख 56 हजार यूनिट थी, वह जून के प्रथम सप्ताह में बढ़कर 50 लाख 79 हजार यूनिट तक पहुंच चुकी है। बिजली की खपत, तापमान पर निर्भर करती है। मार्च माह के प्रथम सप्ताह में शहर का तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस था और बिजली की खपत 22 से 24 लाख यूनिट के आस-पास थी।

 

जैसे-जैसे तापमान बढ़ा बिजली की खपत भी बढऩे लगी। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस व बिजली खपत लगभग 33 लाख 41 हजार यूनिट तक पहुंच गई। मई के प्रथम सप्ताह में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस व बिजली की खपत 43 लाख यूनिट तक पहुंच गई। शहर में कूलर व पंखों की अपेक्षा एसी के चलते बिजली की खपत अधिक बढ़ी है। शहर में केईडीएल के कुल 2 लाख 15 हजार उपभोक्ता हंै।

 

इनमें से 1 लाख 77 हजार उपभोक्ता घरेलू व करीब 32 हजार 500 उपभोक्ता अघरेलू श्रेणी के हंै। शेष में मिक्सड लोड, इण्डस्ट्रीज आदि श्रेणियां आती हैं।


बिजली की आधी खपत खा जाता है एयर कंडीशनर

घरेलू व अघरेलू उपभोक्ताओं को भी शामिल किया जाए तो भी करीब 50 हजार से अधिक उपभोक्ता एसी का इस्तेमाल करते हैं और शहर में प्रतिदिन हो रही बिजली की खपत की लगभग आधी बिजली एसी में ही खर्च हो रही है। इस भीषण गर्मी से खुद को बचाने के लिए लोग जमकर एसी का उपभोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत अधिक होने से उनके बिजली के बिलों में भी वृद्धि हो रही है। यदि एसी के इस्तेमाल में कुछ सावधानियां बरती जाएं तो उपभोक्ता के जेब पर बिजली के बिल की मार कुछ कम हो सकती है।

एक्सपर्ट व्यू : 25 डि.सै. पर चलाएं एसी, 20 प्रतिशत बच जाएगी बिजली
मुकेश गर्ग, सीओओ केईडीएल

कोटा. केईडीएल के सीओओ मुकेश गर्ग ने बताया कि शहर में वर्तमान में अधिकतर उपभोक्ता अपने एसी को 16 से 18 डिग्री सेल्सियस की कूलिंग पर चलाते हैं। ऐसे में एसी के कम्प्रेशर को कमरे या ऑफि स के तापमान को 16 डिग्री तक लाने में लगातार काम करना पडता है। ऐसे में एसी लगातार बिजली की खपत करता है।

 

यदि एसी को 24-25 डिग्री सेल्सियस पर चलाया जाए तो कम्प्रेशर को अधिक काम नहीं करना पड़ेगा। कमरे या ऑफिस का अंदर का तापमान इन दिनों करीब 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक होता है। एसी का कम्प्रेशर इसे 16 से 18 डिग्री सेल्सियस की अपेक्षा 24-25 डिग्री सेल्सियस तक आराम से ला पाएगा। कमरे का तापमान 24-25 डिग्री सेल्सियस पर आते ही एसी का कम्प्रेशर बंद हो जाएगा और उसके बाद मात्र पंखा ही चलेगा।

 

इससे बिजली की खपत कम हो जाएगी। यदि उपभोक्ता एसी को 24 से 25 डिग्री सेल्सियस पर ही रखें और कमरे या ऑफिस का पंखा कम गति से ऑन रख लें तो 16 से 18 डिग्री की कूलिंग व इस कूलिंग में विषेश अंतर नहीं आएगा, लेकिन बिजली की खपत में करीब 20 फ ीसदी कमी आ जाएगी।

स्टार रेटिंग विद्युत उपकरणों का करें इस्तेमाल
भारत सरकार का ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफि सिएंसी बीईई, विद्युत उपकरणों में बिजली की खपत के अनुसार स्टार रेटिंग तय करता है। कम स्टार वाले विद्युत उपकरण अधिक बिजली खर्च करते हैं। ऐसे में उपभोक्ता सभी बिजली उपकरणों में स्टार रेटिंग का ध्यान रखकर ही विद्युत उपकरण खरीदें। एसी भी यदि आपने अधिक स्टार रेटिंग वाला खरीदा है तो उसमें बिजली की खपत कम हो जाएगी।

फैक्ट-फ ाइल
2.15 लाख

- शहर में बिजली उपभोक्ता
..

1.77 लाख
- घरेलू बिजली उपभोक्ता


32500

- अघरेलू बिजली उपभोक्ता

96
- बड़े औद्योगिक कनेक्शन


2150

- छोटे व मध्यम श्रेणी के उद्योग कनेक्शन

50 हजार से अधिक
- एसी का उपभोग करने वाले उपभोक्ता


22.56 लाख

- मार्च के प्रथम सप्ताह में शहर में बिजली की खपत

50.49 लाख
- जून के प्रथम सप्ताह में शहर में बिजली की खपत

 



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2I4jTDr

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