भोपाल@सुनील मिश्रा की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब डॉक्टरों को दिन में तीन बार हाजिरी देनी होगी, साथ ही यह भी बताना होगा कि उन्होंने दिनभर में कितने मरीजों का उपचार किया। शुक्रवार से जेपी अस्पताल में यह व्यवस्था शुरू की गई।
नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति को सुनिश्चित करना है। हालांकि इस निर्णय के बाद डॉक्टरों में विरोध भी शुरू हो गया है।
मालूम हो कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय बदलकर सुबह 9 से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। इसके बाद विभाग को जानकारी मिली थी कि लंच के बाद कुछ डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठ रहे। इसके बाद यह निर्णय लिया गया।
तीन बार करने होंगे साइन
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आईके चुघ के मुताबिक जो भी डॉक्टर सुबह ओपीडी में आएंगे उन्हें रजिस्टर में साइन करने होंगे। इसके साथ ही लंच के बाद दोपहर 2.15 पर एक कर्मचारी रजिस्टर लेकर ओपीडी में जाकर साइन करवाएंगे।
वहीं शाम चार बजे ओपीडी खत्म होने पर भी डॉक्टरों को रजिस्टर में साइन करना होगा। तीनों में एक भी समय साइन न होने पर अनुपस्थित माना जाएगा। इसके साथ ही शाम को डॉक्टरों को यह भी बतना होगा कि उन्होंने दिन में कितने मरीजों को देखा। यह रिपोर्ट हर रोज स्वास्थ्य मं़त्रालय भेजी जाएगी।
नए नियम से बढेगी दिक्कतें
नए नियमों को लेकर विरोध भी शुरू होने लगा है। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में वैसे ही डॉक्टरो की संख्या कम है। डॉक्टर को ओपीडी के साथ वार्ड में भर्ती मरीजों को भी देखना पडता है। अगर डॉक्टर वार्ड में हैं और कर्मचारी उसी समय ओपीडी में आता है तो उसकी अनुपस्थिति लगा दी जाएगी।
मामले में मप्र मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के संरक्षक डॉ ललित श्रीवास्तव बताते है कि ऐसे निर्देर्शों से डॉक्टरों के मनोबल पर असर होता है। डॉक्टरों से बंधुआ मजदूरों की तरह काम नहीं कराया जा सकता ।
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