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Saturday, June 13, 2020

कोरोना मुक्त हुए ये 5 जिले, 20 जिलों में संक्रमितों की संख्या 10 से भी कम, रिकवरी रेट 70 फीसदी के करीब

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए समुदाय का पूरा सहयोग लिया जाए। इस संबंध में एक प्रभावी सिस्टम बनाए जाने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 'समुदाय आधारित सर्वेलेंस सिस्टम' का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसके अंतर्गत नागरिकों की सुविधा के लिए 'सार्थक लाइट एप' तथा 'कोविड मित्र' बनाए जा सकते हैं।

प्रस्तावित 'सार्थक लाइट एप'
एसीएस हैल्थ ने बताया कि प्रस्तावित 'सार्थक लाइट एप' के अंतर्गत कोई भी नागरिक अपने मोबाइल नंबर एवं पते के आधार पर पंजीयन करा सकेगा। एप के माध्यम से निकटतम कोविड उपचार सुविधा केन्द्र तथा निकटतम सैम्पल कलैक्शन केन्द्र की जानकारी दी जाएगी। जैसे ही कोई हाई रिस्क मरीज (सारी/आई.एल.आई.) अपना पंजीयन करेगा वैसे ही उसके पास एस.एम.एस. आएगा कि उसे स्वास्थ्य परीक्षण/टैस्ट के लिए कहां जाना है। हैल्प लाइन सेंटर 104 से एम्बुलेंस सुविधा भी
मिल सकेगी।

कोविड मित्र
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि पहले चरण में शहरी क्षेत्रों में कोविड मित्र बनाए जा सकते हैं। इन्हें ऑक्सीमीटर दिया जाएगा, जिसके माध्यम से वे लोगों का ऑक्सीजन लैबल चैक करेंगे। कोई भी 45 वर्ष तक की उम्र का स्वस्थ व्यक्ति, समाजसेवी संगठन, स्वैच्छिक संगठन कोविड मित्र बन सकेंगे।


20 जिलों में 10 से कम कोरोना मरीज
एसीएस हेल्थ ने बताया कि प्रदेश के 20 जिलों में 10 से कम कोरोना के मरीज हैं। वहीं 05 जिले अलीराजपुर, होशंगाबाद, सिवनी, सीहोर और सीधी कोरोना मुक्त हैं।

निजी अस्पतालों से बेहतर समन्वय रखें
जबलपुर जिले की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय बनाया जाए। यदि वे इलाज में कोई भी लापरवाही करते हैं तो उन्‍हें नोटिस देकर कार्रवाई की जाए। इलाज में थोड़ी भी लापरवाही अक्षम्य होगी। मुख्यमंत्री वहां के कोरोना मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कर रहे थे।

हाई टैस्टिंग के कारण मृत्यु दर कम
ग्वालियर जिले की समीक्षा में पाया गया कि ग्वालियर में हाई टैस्टिंग के कारण मृत्यु दर कम है। वहां 251 पॉजीटिव प्रकरणों में से 163 स्वस्थ होकर घर चले गए है, 86 एक्टिव प्रकरण है, 02 मृत्यु हुई हैं। वहां मृत्यु दर 0.8 प्रतिशत तथा पॉजिटिविटी रेट लगभग 01 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी पूरे प्रयास किए जाएं, जिससे संकमण न फैले। कलेक्टर की मांग पर वहां एक दिन बाजार बंद रखने की अनुमति दी गई।

इंदौर में अब प्रभावी नियंत्रण
एसीएस हेल्थ सुलेमान ने बताया कि इंदौर की हालत में निरंतर सुधार हो रहा है। भारत के सबसे संक्रमित शहरों में इंदौर सातवें स्थान पर है। इंदौर का कोरोना का नेशनल शेयर 1.30 प्रतिशत आ गया है, जो पहले इससे काफी अधिक था।

प्रदेश की कोरोना रिकवरी रेट 69.3 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की रिकवरी रेट 69.3 प्रतिशत हो गई है, जबकि देश की 49.9 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 4.33 प्रतिशत है जबकि भारत की 5.61 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश का डबलिंग रेट भी कम होकर 33 दिन हो गया है।



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